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Monday, October 7, 2019

सिंगल यूज प्लास्टिक बैन, अब रेल नीर का क्या होगा कालिया

नमस्कार दोस्तों,

वैसे यह खबर कल की है, मगर आज भी यह बात उतना ही जरूरी है जितनी कल थी। सिर्फ एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर लगे बयान के बाद, अब ट्रेन में मिलने वाली पानी की बोतल का क्या होगा?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सरकार का यह फैसला अभी कुछ समय के लिए रोक दिया गया है‌। इसका मतलब यह हुआ कि कोई सरकारी अधिकारी या फिर पुलिस वाला.... फिलहाल किसी भी दुकान पर जाकर उनकी चेकिंग यहां उन पर फाइन नहीं लगाएगा, क्योंकि सरकार ने यह बैन रोक दिया है।

पर्यावरण को देखा जाए तो सरकार का यह फैसला बहुत ही सराहनीय था, पर वहीं द छुटपुट दुकानदारों को देखा जाए तो यह अचानक से बैन उनके लिए बहुत महंगा पड़ सकता था। कुछ समय के लिए सरकार का यह फैसला टालने का इरादा, ऐसे दुकानदारों को "एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक" से दूर हटने के लिए पर्याप्त समय दे देगा।

अगर सिर्फ नीर पानी की बात की जाए तो रेलवे को तकरीबन 176 करोड़ रुपए सालाना की कमाई नीर की बिक्री से होती है। रेलवे की कुल आय को देखा जाए तो रेल नीर का हिस्सा सिर्फ 7.8 फ़ीसदी ही है। रेलवे के पास 10 प्लांट है जिनमें रेल नीर की पैकेजिंग होती है, और सन 2021 तक रेलवे बोर्ड ने 4 नए प्लांट लगाने का मंजूरी दे दी है।

यानी देखा जाए तो सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूरी तरह से बहन नहीं लगाया है। योजना अनुसार सरकार ने प्लास्टिक बैग कप प्लेट छोटे बोतल स्ट्रो और कुछ चुनिंदा प्रकार के छोटे-छोटे प्लास्टिक वस्तुओं पर रोक लगाई थी। मगर अपने फैसले को कुछ समय के लिए रोक देने से, छोटे व्यापारियों को इस प्लास्टिक बैन के लिए तैयार होने का समय मिल जाएगा।

सरकार द्वारा इस बहन को तुरंत लागू नहीं करने के बावजूद भी आईआरसीटीसी के सिंगल यूज प्लास्टिक पानी की बोतल, जिसमें वह नीर जल देता था... उसकी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग करनी शुरू कर दी है।

सूत्रों से मालूम हुआ है कि रेलगाड़ियों में पहली बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग वाली पानी की बोतल, आपको लखनऊ नई दिल्ली के रूट पर तेजस एक्सप्रेस में मिल सकती है।

एक तरफ लोगों को जागरूक और प्रेरित करने के लिए, रेलवे द्वारा लिया गया यह फैसला बहुत ही सराहनीय है। वहीं दूसरी ओर जेएनयू के छात्रों में बहुत डर का माहौल था, मगर प्रोफेसरों की मदद से उन्हें समझाया गया कि जिस सिंगल यूज़ प्लास्टिक से वह र्डर रहे हैं वह प्लास्टिक नहीं... रबड़ होता है।

मगर छात्र संगठन ने धरना देकर सरकार के सामने अपनी मांगे रखने का फैसला लिया है, छात्रों का कहना है कि यह सरकार उनसे पर्यावरण बर्बाद करने की आजादी छीन रही है।

छात्रों का साथ देते हुए कुछ अनपढ़ मीडिया वालों ने लेज चिप्स और कुरकुरे के पैकेट दिखाकर टीआरपी बनाना शुरू कर दिया है। कृपया उन्हें समझाएं कि वह पैकेट सिंगल यूज़ प्लास्टिक से बहुत अलग होते हैं, वह एलुमिनियम से बने और पॉलिप्रोपिलीन से लैमिनेटेड होते है। जिनको प्लास्टिक पैरालिसिस प्रोसेस के माध्यम से दोबारा रीसायकल किया जा सकता है।

ऊपर वाली बात हमने कई नेताओं को समझाने की कोशिश की, मगर कुछ नेताओं की प्रतिक्रिया हमें ही समझ नहीं आई। राहुल जी के भौचक्के हो कर हमें देखने के तरीके से ही हम समझ गए थे कि अंदर क्या चल रहा है। हमारी बात सुनने के कुछ समय की शान्ति के बाद केजरीवाल जी ने कहा: मोदी जी हमें काम ही नहीं करने देते।

हमारे संवाददाताओं ने बहुत खोजबीन के बाद यह गहरा राज ढूंढ निकाला है। आधुनिक भारत में छुपी हुई एक कला जो हर बॉयज हॉस्टल के लड़के को मालूम होती है.... सिंगल यूज़ प्लास्टिक को भी 4-6 महीने तक कैसे इस्तेमाल करना है। हम अपने सूत्रों के सहयोग से आपके लिए यह खबर लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

कृपया हमारे साथ बने रहे, नमस्कार।

Sunday, October 6, 2019

आ देखें जरा, कौन भागेगा सभ से तेज़ - पेट्रोल टमाटर की दौड़

नमस्कार दोस्तों,

आज हम आपको पेट्रोल और टमाटर की ताजा स्थिति के बारे में बताएंगे। हमेशा की तरह पेट्रोल और डीजल में के भाव में उतार-चढ़ाव आता रहता है, आज लगातार चौथे दिन पेट्रोल और डीजल के भाव मैं गिरावट आई है। 4 दिनों में तकरीबन पेट्रोल 72 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है, और वही डीजल के दाम 4 दिन में 46 पैसे प्रति लीटर तक कम हो चुके हैं।

दिल्ली की जनता जिसे फ्री बिजली, फ्री पानी, फ्री वाईफाई, फ्री मेट्रो जैसी बातें सुनने की आदत हो गई है .... उनके लिए तो पैसों में हो रही यह गिरावट एकदम नहीं के समान है। अगर आप किसी ट्रक ड्राइवर लोरी टेंपो या माल उठाने वाली गाड़ी के किसी ड्राइवर से पूछेंगे तो उनके लिए इस गिरावट काफी हद तक खर्चा बचा दिया।

आज सुबह की सैर पर निकला तो केजरीवाल जी से मुलाकात हो गई, लगे हाथ मैंने पेट्रोल की कीमत आज भी कम होने पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी। तो हमेशा की तरह उन्होंने कहा इसका श्रेय दिल्ली सरकार को जाता है। मैंने पूछा कि क्या आप सरकार ने दिल्ली सरकार का 58 पैसे प्रति लीटर का स्टेट टैक्स हटा दिया है? तो उन्होंने कहा इसकी मुझे जानकारी नहीं है। और सुबह की नींद और अनजाने में मेरे मुंह से निकल गया कि यह कीमत इंडियन ऑयल ने घटाई है इसमें दिल्ली सरकार का क्या श्रेय है? यह तो शुक्र है कि मैं उनसे तेज भाग सकता हूं....

आज दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹73.89 और डीजल की कीमत ₹67.03 है, आप सब से अनुरोध है कि अगर आपको इन कीमतों में कोई बदलाव दिखे तो इसका दोष कृपया मोदी या केजरीवाल पर लगाएं और हमको सही कीमत की जानकारी दे दें।

चलीए अब बात करते हैं टमाटर के दाम की, दशहरा दिवाली जैसे त्यौहार करीब आते देख कर मासूम सब्जी विक्रेताओं ने 30 - 40 रुपए का टमाटर.... 70 - 75 रुपए में बेचना शुरू कर दिया है। अभी तक तो कारोबारियों ने टमाटर के भाव में आई इस भारी तेजी को आस-पास के राज्यों में हुई भारी बारिश की सर मड़ दिया है। जिस टमाटर का छिलका प्रेशर कुकर में पकाने के बाद भी नहीं गलता... आज कारोबारियों के अनुसार वही टमाटर बहुत जल्दी खराब होने वाली सब्जी बन गई है। आपको बता दें कि यही कारण प्याज के भाव में आई तेजी के लिए भी बताया गया था, मगर दूसरे ही दिन हमने आपको खबर दी कि केजरीवाल जी ₹15 प्याज लेकर ₹24 में बेच रहे हैं।

ध्यान देने वाली बात तो यह होगी टमाटर कितने में खरीद के बेचेंगे? सूत्रों के अनुसार केजरीवाल जी इस बात से बहुत नाराज हैं, उनका कहना है कि यह मोदी की चाल है.... वह धीरे-धीरे कर के उन्हें (केजरीवाल) सब्जियों की दुकान खुलने पर मजबूर कर देगा।

हम तो आप लोगों को यही सलाह देंगे की छुटपुट मंडी और सब्जी वालों के पास जाने की गजह, अपने घर के पास की "सफल" की दुकान से सब्जियां खरीद लें। मगर आपको पहले ही आगाह करना चाहते हैं कि वहां ताजी और मुरझाई दोनों तरह की सब्जियां मिलती हैं, इसलिए वहां गाड़ी के आने का समय जरूर पूछ लें ताकि आप बाजार से ताजी सब्जियां चुन सकें।

नमस्कार।

तेजस एक्सप्रेस में पेट पूजा

हेलो दोस्तों,


अपने पिछले आर्टिकल में हमने आपको तेजस एक्सप्रेस रेल गाड़ी के बारे में बताया था, भारतीय रेलवे ने आज ही के दिन यह ट्रेन जनता के इस्तेमाल के लिए चलाई है।

हमने अलग-अलग नेताओं से उनके खान-पान के बारे में बातचीत की हमने उनसे पूछा कि दिल्ली से अगर रख रहा हूं जाएंगे तो आप कौन सा खाना पसंद करेंगे। आइए देखें कुछ मनोरंजक प्रतिक्रियाएं।

हमें दिल्ली के मालिक श्री केजरीवाल जी से पूछा कि आप दिल्ली से लखनऊ जाकर क्या खाना पसंद करेंगे? तो उन्होंने बोला कि आप के कार्यकर्ता ने बताया है की टुंडे कबाब बहुत प्रसिद्ध है, तो हमने पूछा कि वह तो गाय भैंस के पास यानी नॉनवेज है और आप तो बताते हैं मीट नहीं खाते। इस पर उन्होंने गुस्सा कर बोला कि यह जरूर मोदी की चाल है मेरा खानपान भ्रष्ट करने की। हम तो बस "जी जनाब" बोल कर वहां से निकल लिए।

दिग्विजय जी ने प्रश्न सुनते ही सबसे पहले बोला निहारी कुल्चा जरूर खाऊंगा सुना है बहुत ही स्वाद होता है। 

राहुल जी ने बताया कि वह कभी-कभी सुबह का नाश्ता नहीं करते तो उन्होंने कहा कि वहां की खस्ता कचोरी जरूर ट्राई करूंगा। हमने कहा आपको मीठा पसंद है, तो कुल्फी फालूदा के बारे में आपकी क्या राय है? अगले आधे घंटे तक हम यही समझाने की कोशिश करते रहे कि उस में आलू कहीं नहीं डलता।

हमें एक घंटा लगा यह समझने में कि शशि थरूर जी जो एक कप चाय की प्याली के साथ मक्खन लगाकर खाएंगे वह सिर्फ ताजे बनाए हुए गोल गोल बंद (Bun) हैं। हम जब भाग रहे थे तो उन्होंने पीछे से आवाज लगाकर बताया कि समोसे भी बहुत स्वादिष्ट होते हैं। बड़े लोग हैं चाय बंद समोसे के लिए दिल्ली में जगह नहीं है लखनऊ जाकर खाएंगे।

उम्मीद पर बिल्कुल खरे उतरते हुए दिग्विजय जी ने कहा कि उन्हें चटपटी चीजें पसंद है, वहां कि चाट जरूर खाएंगे। चटपटे स्वाद के बाद बीयर-वोडका वाली ठंडाई और मक्खन मलाई भी जरूर चक्खेगे।

ममता दीदी ने बोला कि औगर हमारे योहां से भी ट्रेन चोल जाता तो होम भी बिरयानी जरूर खा कर आता। क्योंकि उन्हें लखनऊी खाने के बारे में ज्यादा नहीं मालूम था तो हमने उन्हें सुझाव दिया की गोमती नगर की बास्केट जाट भी जरूर खा कर देखिए। तो उन्होंने बाल्टी में कुछ भी खाने से साफ-साफ इंकार कर दिया और उन को समझाने की हमारी हिम्मत नहीं हो पाई।

अगर आप लखनऊ नहीं गए तो आपकी जानकारी के लिए हम बता दें कि लखनऊ में खाना ज्यादातर मास से बना मुधलई खाने की छाप से प्रभावित व्यंजन है। शुद्ध शाकाहारी लोगों के लिए भी वहां काफी व्यंजन उपलब्ध है। अगर आप नहीं जानते तो हमें जरूर बताइएगा हम अपने अगले आर्टिकल में उसके बारे में चर्चा करेंगे।

नमस्कार।

Tejas Express

हेलो दोस्तों,


आज हम आपको तेजस एक्सप्रेस (लखनऊ जंक्शन - नई दिल्ली) के बारे में बताएंगे। नवरात्रि के उपलक्ष में भारतीय रेल द्वारा आज इसे पहली बार जनता के इस्तेमाल के लिए चलाया गया। इसके ट्रेन नंबर 82501 और 82502 है और इसे लखनऊ जंक्शन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच चलाया जाएगा। इसका सफर 512 किलोमीटर का है, जिसे यह ट्रेन 6 घंटे 15 मिनट में तय करेगी। यह ट्रेन हफ्ते के 6 दिन चलाई जाएगी। पूरी यात्रा में सिर्फ पांच स्टेशन पर ही रुकेगी। इस ट्रेन में 12 एसी चेयर कार डब्बे हैं, हर एक डब्बे में 78 यात्रियों(3+2) के बैठने की सुविधा है। ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास कोच में 56 यात्रियों (2+2) के बैठने की क्षमता और व्यवस्था है।

इस ट्रेन में पूरी तरह स्वचालित दरवाजे हैं, सेंसर आधारित पानी के नल, आग और धुआं यानी फायर एंड स्मोक डिटेक्शन एंड सिपरेशन सिस्टम है, सीसीटीवी कैमरे, और हाथ सुखराने के लिए हैंड ड्राइयर्स है। इसमें पैंट्री कार का डिब्बा तो नहीं है मगर आपके खान-पान की पूरी सुविधा, और चाय कॉफी के लिए वेंडिंग मशीन उपलब्ध है। आप की जगह पर खाना देने का कोई अलग से पैसा नहीं है, वह आपकी ट्रेन टिकट में ही शामिल है। आने वाली स्टेशन की जानकारी के लिए हर यात्री के सामने एल ई डी डिस्प्ले, एक फोन सॉकेट है, वाई-फाई, ट्रेन में अनाउंसमेंट सिस्टम है, पड़ने के लिए मैगजींस उपलब्ध है। इस इस ट्रेन में बायो टॉयलेट है। जो लोग देख नहीं सकते उनके लिए शौचालय में ब्रेल लिपि में अंकित बटन हैं।

फिलहाल इसकी गति सीमा 83 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार है। मगर यह भी भारत की अन्य सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसे राजधानी एक्सप्रेस, गतिमान एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस, और दुरंतो एक्सप्रेस की तरह भारतीय रेल के प्राथमिकता वाले मार्ग पर चलेगी।

हमने तमाम नेताओं की राय लेने की कोशिश की। राहुल गांधी जी बैंकॉक जाने की वजह से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर पाए। मगर फोन पर हुई छोटी सी बात में उन्होंने कहा कि वह इस नए निर्णय से खुश हैं मगर उन्हें ट्रेन का पीला रंग पसंद नहीं आया। वहीं दिल्ली के मालिक श्री केजरीवाल जी ने कहा है 83 किलोमीटर प्रति घंटा तो मैं अपनी मारुति ही भगा लेता था, इसमें मोदी सरकार ने कुछ खास नहीं किया है। दिल्ली के अल्पसंख्यक लोगों को आरक्षण ना मिलने के कारण उन्होंने इस ट्रेन की आलोचना की है। ट्रेन के रंग पर टिप्पणी करते हुए दिग्विजय जी ने कहा कि यह रंग भगवा रंग से बहुत मिलता है इसलिए यह भगवा आतंक है। वहीं कुमारी ममता बनर्जी ने कहा है कि एक ट्रेन बंगाल से भी चलनी चाहिए। पीला रंग देकर मोदी ने उन्हें अल्टो कार की याद दिला दी। मायावती जी ने इस ट्रेन को दलितों के खिलाफ एक षड्यंत्र बताया है। गहलोत जी ने टिप्पणी देने से इंकार कर दिया उनका कहना था यह मेरे क्षेत्र से बाहर की घटना है। कमला हसन जी ने हमारे ऑफिस में आकर अपना विरोध जाहिर करते हुए बोला कि यह हिंदी ट्रेन हम पर थोपी जा रही है हम इसका बहिष्कार करेंगे।

इस मिली-जुली प्रतिक्रिया के बीच में एक सबसे खुश प्रतिक्रिया हमें शशि थरूर जी से प्राप्त हुई, उनका बस एक ही सुझाव है कि लड़कियां थोड़ी और ज़्यादा सुंदर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की उभरती कला को और प्रोत्साहित करना चाहिए।

हम उम्मीद करते हैं यह जानकारी आपके लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण होगी। आपके तेजस में सफर के लिए हम हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। अपने सफर की प्रतिक्रियाएं हमसे जरूर साझा करें।

नमस्कार।