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Tuesday, October 8, 2019

अमेजॉन की सेल में मोदी का हाथ।

नमस्कार दोस्तों,

जैसा कि आप सब लोग जानते ही हैं किस सितंबर 2019 में हुए अमेजॉन की सेल में कई करोड़ों की बिक्री हुई थी। इकनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार अमेजॉन इंडिया ने 36 घंटे में तकरीबन 750 करोड रूपए की बिक्री करी।

कंपनी ने हमारे संवाददाता को यह नहीं बताया कि इस सेल में कुल मिलाकर कितने की बिक्री हुई, मगर कंपनी का यह कहना है कि यह उनकी सबसे सफल सेल है जिस में कंपनी ने 750 करोड रुपए के महंगे स्मार्टफोंस बेचे है। हमारे विशेषज्ञों के अनुसार यह ई-कॉमर्स साल भर में ऐसी ही से लगाकर तकरीबन 5 बिलियन डॉलर का कारोबार कर लेते हैं।

इंटरनेट पर यह भी है इन सेल में सबसे ज्यादा सामान खरीदने वालों पर सरकार की नजर रहेगी। ऐसी अटकलों के चलते हमने विभिन्न प्रकार के लोगों से इस पर उनकी राय जानने की कोशिश की।

राहुल जी ने अपनी फटी हुई जेब दिखाते हुए कहा मैं तो कुछ खरीदा ही नहीं, और मम्मी कहां से खरीदी है यह मैं पूछता नहीं। मगर उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के फिजूल खर्चों के कारण ही देश में भारी मंदी है, उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि गरीब लोग फोन नहीं। हमारे संवाददाता के पूछने पर उन्होंने बताया कि अगर गरीब को फोन खरीदना हो तो फोन ही नहीं मिलता क्योंकि अमीर ही सारे फोन खरीद लेते हैं। उन्होंने जनता की इस गलत सोच का कारण मोदी की नीतियों को बताया।


तस्वीर।


पार्टी की मीटिंग खत्म होने के बाद हमारे संवादाता ने श्री केजरीवाल जी से राय मांगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि मैंने तो पहले ही सारे कार्यकर्ताओं को आगाह कर दिया था कि इस सेल में मोदी जी की कोई चाल है। जब हमने उन्हें बताया कि 750 करोड रुपए के स्मार्टफोन बिके हैं तो उन्होंने कहा: स्मार्टफोन में जनता को बर्बाद कर दिया है। तभी भीड़ में से किसी ने कहा की फोन तो राजीव गांधी लाए थे, और फिर एक आवास ने बोला यही है रायते कि जड़। मारो....

भीड़ के बेकाबू हो जाने के बाद हमारे संवाददाता इससे आगे की खबर नहीं जुटा पाए।


तस्वीर।


इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमारे संवाददाता कि मुलाकात शशि थरूर जी से हुई, उन्होंने यह खबर जानने के बाद कहा: हम तो भाई पुराने लोग हैं, फोन से हमारा काम नहीं चलता... हम तो असल जिंदगी में छू कर, मिल बैठकर बात करने वाले लोग हैं। आज के नौजवानों के लिए संदेशा देते हुए उन्होंने कहा "कुछ समय तक तो फोटो/फोन ठीक है, मगर असल जिंदगी तो जिंदगी ही होती है। घर से बाहर आओ और जिंदगी का आनंद लो।"


तस्वीर।


हमारी भी अपने पाठकों से गुजारिश है कि चाहे जिंदगी कितनी है तन्हा, उदास, या फिर व्यस्त क्यों ना हो.... आप लोग घर से बाहर निकले और जिंदगी के मजे ले। हो सकता है जिंदगी के कुछ पल/मज़े अस्थाई हो, मगर इन अस्थाई मज़ों के दरिया से गुजर कर ही स्थाई मजे मिलेंगे।

नमस्कार।