Thursday, October 10, 2019

72 हूरों के बाद पेश है फरिश्ते दिल्ली के।

नमस्कार दोस्तों,

जैसा कि आप सब लोग जानते ही हैं कि आज के आधुनिक भारत में लोगों की सोच में टकरार, एक बहुत ही मामूली से बात हो गई है। इसी गर्मा गर्मी के चलते हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी ने यह क्या स्कीम जनता के लिए निकाली है। केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस ने, इस स्कीम में अपना पूरा सहयोग देने की बात पहले ही कह दी है।

दिल्ली के फरिश्ते स्कीम को लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री जी ने बताया की पुरानी वाली स्कीम में 72 हूर आपको मरने के बाद मिलेगा, मगर इस स्कीम में आपको जीते-जी दिल्ली गवर्नमेंट द्वारा सर्टिफिकेट मिलेगा। हमारे विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ अभियान पर आधारित है। स्वच्छ भारत के अंतर्गत जिस तरह आपको अपने घर और आसपास की जगह में सफाई रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, बिल्कुल उसी प्रकार आपको इस स्कीम में सड़कों पर पड़े एक्सीडेंट केस, आग से दुर्घटना के वाले, और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

श्री अरविंद केजरीवाल जी ने हमारे संवाददाता को बताया कि यह स्कीम स्वच्छ भारत से बहुत अच्छी है, स्वच्छ भारत में आप कुछ भी कर लीजिए आपको कुछ नहीं मिलेगा... मगर इस स्कीम में हम आपको एक अच्छा नागरिक होने का सर्टिफिकेट देंगे।

जब हमारे संवाददाता है पूछा: यह तो हर इंसान का बुनियादी कर्तव्य है, और कर्तव्य को निभाने के लिए सर्टिफिकेट की क्या आवश्यकता? तो उस पर मुख्यमंत्री जी ने अपनी सफेद टोपी को ठीक करते हुए मुस्कुरा कर कहा: फर्क तो पड़ता है भाई।

केजरीवाल अपने सर पर सफेद टोपी को ठीक करते हुए तस्वीर।

मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने तो जनता को सिर्फ सेल्फी लेना सिखाया है, मगर असली काम तो हम ही कर रहे हैं। आज तक तो लोग सिर्फ सेल्फी ही डालते हैं, मगर आज के बाद दिल्ली वाले लोग "सर्टिफाइड अच्छा इंसान सेल्फी" डालेंगे। यह दुनिया की पहली सर्टिफाइड सेल्फी होगी, और ऐसी सेल्फी सिर्फ हम ही दे सकते हैं।

हमने पार्टी कार्यालय के बाहर कुछ कार्यकर्ताओं से बात की तो उन्होंने बताया कि "सर्टिफाइड फरिश्ते" कहलाने के लिए लोगों में बहुत जोश है। हमने उनसे पूछा कि इसके लिए एक आम नागरिक को क्या करना होगा, तो नाचते हुए एक मदमस्त कार्यकर्ता ने कहा हमारी पार्टी जॉइन करो।



हम भी इस बात से सहमत हैं कि अगर दिल्ली के लोग एक्सीडेंट में घायल इंसान का वीडियो बनाने की बजाय उसकी सहायता करके उसको हॉस्पिटल पहुंचा दें तो यह बहुत ही अच्छी बात होगी। अब देखना यह है कि दिल्ली वाले... एक बार भड़ाम से 72 हूरों को पाना पसंद करेंगे या फिर, वीडियो बनाना छोड़ कर इंसानियत के बुनियादी कर्तव्य को निभाना पसंद करेंगे।

नमस्कार।


Tuesday, October 8, 2019

अमेजॉन की सेल में मोदी का हाथ।

नमस्कार दोस्तों,

जैसा कि आप सब लोग जानते ही हैं किस सितंबर 2019 में हुए अमेजॉन की सेल में कई करोड़ों की बिक्री हुई थी। इकनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के अनुसार अमेजॉन इंडिया ने 36 घंटे में तकरीबन 750 करोड रूपए की बिक्री करी।

कंपनी ने हमारे संवाददाता को यह नहीं बताया कि इस सेल में कुल मिलाकर कितने की बिक्री हुई, मगर कंपनी का यह कहना है कि यह उनकी सबसे सफल सेल है जिस में कंपनी ने 750 करोड रुपए के महंगे स्मार्टफोंस बेचे है। हमारे विशेषज्ञों के अनुसार यह ई-कॉमर्स साल भर में ऐसी ही से लगाकर तकरीबन 5 बिलियन डॉलर का कारोबार कर लेते हैं।

इंटरनेट पर यह भी है इन सेल में सबसे ज्यादा सामान खरीदने वालों पर सरकार की नजर रहेगी। ऐसी अटकलों के चलते हमने विभिन्न प्रकार के लोगों से इस पर उनकी राय जानने की कोशिश की।

राहुल जी ने अपनी फटी हुई जेब दिखाते हुए कहा मैं तो कुछ खरीदा ही नहीं, और मम्मी कहां से खरीदी है यह मैं पूछता नहीं। मगर उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह के फिजूल खर्चों के कारण ही देश में भारी मंदी है, उन्होंने इस बात पर भी दुख जताया कि गरीब लोग फोन नहीं। हमारे संवाददाता के पूछने पर उन्होंने बताया कि अगर गरीब को फोन खरीदना हो तो फोन ही नहीं मिलता क्योंकि अमीर ही सारे फोन खरीद लेते हैं। उन्होंने जनता की इस गलत सोच का कारण मोदी की नीतियों को बताया।


तस्वीर।


पार्टी की मीटिंग खत्म होने के बाद हमारे संवादाता ने श्री केजरीवाल जी से राय मांगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि मैंने तो पहले ही सारे कार्यकर्ताओं को आगाह कर दिया था कि इस सेल में मोदी जी की कोई चाल है। जब हमने उन्हें बताया कि 750 करोड रुपए के स्मार्टफोन बिके हैं तो उन्होंने कहा: स्मार्टफोन में जनता को बर्बाद कर दिया है। तभी भीड़ में से किसी ने कहा की फोन तो राजीव गांधी लाए थे, और फिर एक आवास ने बोला यही है रायते कि जड़। मारो....

भीड़ के बेकाबू हो जाने के बाद हमारे संवाददाता इससे आगे की खबर नहीं जुटा पाए।


तस्वीर।


इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमारे संवाददाता कि मुलाकात शशि थरूर जी से हुई, उन्होंने यह खबर जानने के बाद कहा: हम तो भाई पुराने लोग हैं, फोन से हमारा काम नहीं चलता... हम तो असल जिंदगी में छू कर, मिल बैठकर बात करने वाले लोग हैं। आज के नौजवानों के लिए संदेशा देते हुए उन्होंने कहा "कुछ समय तक तो फोटो/फोन ठीक है, मगर असल जिंदगी तो जिंदगी ही होती है। घर से बाहर आओ और जिंदगी का आनंद लो।"


तस्वीर।


हमारी भी अपने पाठकों से गुजारिश है कि चाहे जिंदगी कितनी है तन्हा, उदास, या फिर व्यस्त क्यों ना हो.... आप लोग घर से बाहर निकले और जिंदगी के मजे ले। हो सकता है जिंदगी के कुछ पल/मज़े अस्थाई हो, मगर इन अस्थाई मज़ों के दरिया से गुजर कर ही स्थाई मजे मिलेंगे।

नमस्कार।

किसी और के घर में नां घुस जाना

नमस्कार दोस्तों,

जैसा कि आप लोग जानते हैं भारत अपना पहला रफाले नामक लड़ाकू विमान दसाऊल्ट कंम्पनी, फ्रांस देश से निर्यात कर रहा है। इस लिए श्री राजनाथ सिंह जी आज फ्रांस गए हुए हैं। ऐशिया महाद्वीप में रफाले सबसे आधुनिक प्रणाली से लैस लड़ाकू विमान है, जिसके आने से भारतीय वायु सेना को एक बलवान शस्त्र मिल जाएगा।

राजनाथ सिंह जी के फ्रांस जाने पर विरोधी पार्टियों ने सवाल उठाए हैं। एक गोपनीय सूत्रों के अनुसार पार्टी कार्यालय में राहुल गांधी जी को यह पूछते हुए सुना गया था कि: "राफेल" को लेने क्यों गए, क्या वह बच्चा है जो खुद नहीं आ सकता? वहीं पर हमारे संवाददाता से बात करते हुए केजरीवाल जी ने अपनी पुरानी यादें बताते हुए कहा कि मैं भी अपनी वैगनआर लेने खुद गया था।


केजरीवाल जी की वैगनआर के साथ तस्वीर।


आंखों में नमी लाते हुए उन्होंने कहा: मुझे पूरा यकीन है इस की सुरक्षा बहुत अच्छी होगी, यह मेरी वैगनआर की तरह चोरी नहीं होगा। मगर हमारे संवाददाता की बात से सहमति रखते हुए उन्होंने माना कि इस देश में आतंकी, धोखेबाज, और नमक हराम लोगों की कमी नहीं है। मगर अचानक से ना जाने उन्हें कुछ याद आया और वह गुस्से में उठ कर, बातचीत बीच में ही छोड़कर चले गए।


हमारे अंतरराष्ट्रीय संवाददाता ने बताया है कि हमारे पड़ोसी मुल्क में इस बात से बहुत खुशी है कि राजनाथ जी खुद रफाल को लेने गए हैं। क्योंकि पिछले कुछ समय से इंटरनेट पर कहां जा रहा था कि: मोदी जी राफेल को सीधा भारत लाना है, या पाकिस्तान से डेमो देते हुए लाना है?!


मेमे की तस्वीर।


हमने राहुल गांधी जी से उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, मगर बहुत कोशिश के बाद भी हमारे अंतरराष्ट्रीय संवाददाता उन से बैंकॉक में नहीं मिल पाए। पार्टी के एक बहुत ही वरिष्ठ कार्यकर्ता के फोन से उन्होंने हमें सिर्फ एक लाइन बोलकर फोन काट दिया। उन्होंने कहा कि: यह बीजेपी की बहुत घिनौनी चाल है कि इस लड़ाकू विमान का नाम "रा-फेल" रखा गया।


रा-fail मेमे तस्वीर।


हमने राहुल जी को और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को बहुत समझाने की कोशिश करी कि इस लड़ाकू विमान का नाम "रा-fail" नहीं.... "र-फाले" है। मगर नाराजगी के चलते हमारे संवाददाताओं को पार्टी कार्यालय से बाहर भेज दिया गया।


हम अपने पाठकों को बता देना चाहते हैं कि इस लड़ाकू विमान का नाम र-फाले हैं, जिसका फ्रेंच भाषा में मतलब होता है हवा का झोंका। इस लड़ाकू विमान को फ्रांस की एक कंपनी 'डसॉल्ट' द्वारा बनाया गया है। ध्यान से पढ़ें, सचेत रहें, और अफवाहों में ना आए।


नमस्कार।