नमस्कार दोस्तों,
जैसा कि आप सब लोग जानते ही हैं कि आज के आधुनिक भारत में लोगों की सोच में टकरार, एक बहुत ही मामूली से बात हो गई है। इसी गर्मा गर्मी के चलते हैं दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी ने यह क्या स्कीम जनता के लिए निकाली है। केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली दिल्ली पुलिस ने, इस स्कीम में अपना पूरा सहयोग देने की बात पहले ही कह दी है।
दिल्ली के फरिश्ते स्कीम को लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री जी ने बताया की पुरानी वाली स्कीम में 72 हूर आपको मरने के बाद मिलेगा, मगर इस स्कीम में आपको जीते-जी दिल्ली गवर्नमेंट द्वारा सर्टिफिकेट मिलेगा। हमारे विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ अभियान पर आधारित है। स्वच्छ भारत के अंतर्गत जिस तरह आपको अपने घर और आसपास की जगह में सफाई रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, बिल्कुल उसी प्रकार आपको इस स्कीम में सड़कों पर पड़े एक्सीडेंट केस, आग से दुर्घटना के वाले, और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
श्री अरविंद केजरीवाल जी ने हमारे संवाददाता को बताया कि यह स्कीम स्वच्छ भारत से बहुत अच्छी है, स्वच्छ भारत में आप कुछ भी कर लीजिए आपको कुछ नहीं मिलेगा... मगर इस स्कीम में हम आपको एक अच्छा नागरिक होने का सर्टिफिकेट देंगे।
जब हमारे संवाददाता है पूछा: यह तो हर इंसान का बुनियादी कर्तव्य है, और कर्तव्य को निभाने के लिए सर्टिफिकेट की क्या आवश्यकता? तो उस पर मुख्यमंत्री जी ने अपनी सफेद टोपी को ठीक करते हुए मुस्कुरा कर कहा: फर्क तो पड़ता है भाई।
केजरीवाल अपने सर पर सफेद टोपी को ठीक करते हुए तस्वीर।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने तो जनता को सिर्फ सेल्फी लेना सिखाया है, मगर असली काम तो हम ही कर रहे हैं। आज तक तो लोग सिर्फ सेल्फी ही डालते हैं, मगर आज के बाद दिल्ली वाले लोग "सर्टिफाइड अच्छा इंसान सेल्फी" डालेंगे। यह दुनिया की पहली सर्टिफाइड सेल्फी होगी, और ऐसी सेल्फी सिर्फ हम ही दे सकते हैं।
हमने पार्टी कार्यालय के बाहर कुछ कार्यकर्ताओं से बात की तो उन्होंने बताया कि "सर्टिफाइड फरिश्ते" कहलाने के लिए लोगों में बहुत जोश है। हमने उनसे पूछा कि इसके लिए एक आम नागरिक को क्या करना होगा, तो नाचते हुए एक मदमस्त कार्यकर्ता ने कहा हमारी पार्टी जॉइन करो।
हम भी इस बात से सहमत हैं कि अगर दिल्ली के लोग एक्सीडेंट में घायल इंसान का वीडियो बनाने की बजाय उसकी सहायता करके उसको हॉस्पिटल पहुंचा दें तो यह बहुत ही अच्छी बात होगी। अब देखना यह है कि दिल्ली वाले... एक बार भड़ाम से 72 हूरों को पाना पसंद करेंगे या फिर, वीडियो बनाना छोड़ कर इंसानियत के बुनियादी कर्तव्य को निभाना पसंद करेंगे।
नमस्कार।